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माणा से कन्याकुमारी की साइकिल यात्रा पर

चमोली जिले के नवयुवक सोमेश पंवार ने देश के अंतिम गांव माणा से लेकर कन्याकुमारी तक के लिए साइकिल यात्रा शुरू की है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण मुक्त भारत के साथ कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर भारत के नागरिकों को जागरूक करना है। युवा का कहना है कि ग्रीन हिमालय क्लीन हिमालय का संदेश भी वह यात्रा के दौरान देश के सामने रखेंगे। यह पहली बार है जब माणा से साइकिल के जरिये इतनी लंबी दूरी तय की जाएगी।

चमोली जिले के बामणी गांव निवासी सोमेश पंवार पेशे से ट्रैकिग एडवेंचर से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भारत के अंतिम गांव माणा से कन्याकुमारी तक के लिए साइकिल यात्रा शुरू की है। उन्हें बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने रवाना किया। धर्माधिकारी ने कहा कि सोमेश पंवार को हिमालय की जड़ी बूटियों, गंगा, पर्यावरण, ब्रहमकमल, नीलकमल सहित अन्य जीव-जंतुओं के बारे में भली भांति जानते हैं। वे पर्यावरण संरक्षण के लिए जनता को अपनी यात्रा के दौरान बेहतर ढंग से समझा सकते हैं। उम्मीद की कि इस युवा के अभियान को लोग समझेंगे तथा प्रदूषण मुक्त भारत की मुहिम में साथ देंगे।

दिल्ली, जयपुर, राजस्थान, पुणे, कर्नाटक जैसे स्थानों का भ्रमण कर लगभग 40 दिनों में यह सफर तय करने का लक्ष्य रखा गया है। सोमेश पंवार का कहना है कि जब कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन हुआ था तो उस दौरान पर्यावरण की सेहत भी सुधरी थी। इसलिए अब वह देशभर के नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि यह यात्रा चार हजार किमी से अधिक दूरी की है। साइकिल यात्रा के दौरान रास्ते में पड़ने वाले गांव, कस्बे, नगरों में गुजरने के दौरान वह नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करेंगे। नागरिकों को यह समझाया जाएगा कि लाकडाउन के दौरान जिस प्रकार मनुष्यों ने प्रकृति पर हस्तक्षेप नहीं किया उससे पर्यावरण संरक्षित रहा है। भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षित रखने के लिए नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। सोमेश कहते हैं कि उनका सपना है कि वह देश को सुंदर और स्वच्छ रखने में अपनी भागीदारी निभाएं। इसके लिए वह भगवान बदरी विशाल का आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं।

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