प्रदेश के लाखों बच्चे शिक्षा से बंचित , आरटीई के तहत नही हो पाया एडमिशन

उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा राइट टू एजुकेशन एक्ट यानी आरटीई के तहत गरीब छात्रों को स्कूलों में दाखिला न दिलाने को लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता दीपक ब्ल्यूटिया ने सरकार पर निशाना साधा है , उन्होंने आरोप लगाया की अप्रैल 2020 से लेकर अब तक प्रदेश में लाखों बच्चों को आरटीई के माध्यम से दाखिला मिलता था लेकिन इस सरकार ने अब तक एक भी बच्चे का आरटीआई के माध्यम से दाखिला नही दिलाया , अच्छा होता की गरीब बच्चों को भी ऑनलाइन शिक्षा का लाभ मिल सकता लेकिन ऐसा नही हुआ, यही नहीं निजी स्कूलों के छात्रों के भी सरकार ने लंबे समय से भुगतान राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत नहीं किया है , वर्तमान में शिक्षा को बढ़ावा देने का झूठा दावा करने वाली भाजपा सरकार इस बात को जनता के समक्ष रखें कि आखिर गरीब बच्चों का राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत अब तक क्यों नहीं दाखिला किया गया और इसका जो दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हर मोर्चे में विफ़ल वर्तमान सरकार आज साढ़े सात माह बीत जाने के बाद भी आर० टी०ई० के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चो को प्रवेश देने में विफ़ल रही , जबकि प्रवेश के लिए माँ-बाप दर-दर भटक रहे हैं ,शासन ने अपने शासनादेश में स्कूल ना खुलने तक इन बच्चो के प्रवेश में रोक लगा दी है जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

वहीं स्कूल एसोसिएशन के महासचिव मणिपुष्पक जोशी ने कहा कि आरटीई में दाखिले को लेकर सरकार ने स्कूलों को नए एडमिशन न करने को कहा है , अब बच्चों का भविष्य क्या होगा पता नही , इस पूरे मामले पर अभी तक संसय बना हुआ है , उन्होंने कहा की प्रदेश के लाखों बच्चो का भविष्य अधर में लटक गया है, अभी कोविड के चलते स्कूल खुलने में भी संशय है , ऐसे में आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य राम भरोसे है ।
