Uncategorized

Uncategorised

  • Uncategorized

    बेजुबानों की सेवा में समर्पित हल्द्वानी की दो बेटियां — अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष

    “कुछ ऐसा कर बन्दे की नाम हो जाये.. खुदा भी तुझ-पे मेहरबान हो जाये… मुफलिसों की मदद के लिए दौलत नहीं तो क्या हुआ… इस हौसले से निकल की उनका काम हो जाये” इसी सोच के साथ हल्द्वानी की दो बेटियां रिया औऱ खुशबू समाज़ में कुछ ऐसा अलग काम करने निकली हैं जो आपको इंसानियत के नाते कुछ सोचने और समझने पर मजबूर कर देंगी । रिया हल्द्वानी की रहने वाली हैं और खुशबू अल्मोड़ा के एक छोटे से गांव चौखुटिया की रहने वाली है, इन लड़कियों की परवरिश भले ही शहरोँ में हुई हो लेकिन बेजुबान जानवरों के प्रति जो इन्होंने अपनी अहम भूमिका तय की वह आजकल…

  • Uncategorized

    हिमाद्रि पहाड़ी स्टोर के माध्यम से हल्द्वानी में आरम्भ हुआ जैविक उत्पादों का  विपणन केंद्र

    कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में भी अब आप अपनी पसंद के पहाड़ी जैविक उत्पाद खरीद सकते हैं , हल्द्वानी नैनीताल रोड पर स्थित प्रसिद्ध कालू सैयद चौराहे के पास हिमाद्रि पहाड़ी स्टोर की शुरुआत की गई है , इस स्टोर में आपके लिए उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की बड़ी रेंज उपलब्ध है ,जिनमें सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की राजमा ,चम्पावत क्षेत्र की गहत की दाल समेत बिभिन्न प्रकार की बड़ियां , जम्बू गन्द्रायनी ,काला जीरा ,सिलबट्टे में पिसे हुए अनेक स्वादों में नमक , मडुवे और पहाड़ी मक्के का आटा व अन्य हर्बल जड़ी बूटियां रखी गयी हैं ,यह सभी उत्पाद प्राकृतिक व पूरी तरह से ऑर्गेनिक हैं । हिमाद्री…

  • Uncategorized

    Haldwani History : सुल्ताना डाकू के छोड़े हुए रुपयों से खरीदी गयी हल्द्वानी के एम. बी. स्कूल की जमीन

    काठगोदाम व रानीबाग के बीच ऊंची पहाड़ी पर शीतला देवी का मंदिर है। अब यहां चहल-पहल बहुत बढ़ गयी है लेकिन पहले यहां वीरानी रहा करती थी। इस स्थान को शीतलाहाट के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि “चंद शासन काल” में यहां एक बाजार भी हुआ करता था तथा नदी के उस पार बटोखरी की प्रसिद्द गढ़ी भी थी। यहां से कोटाबाग तक घनी बस्ती थी। “गोरखा शासनकाल” में यहां की गढ़ी भी नष्ट हो गयी। इसकी खोज भी अभी तक नहीं की जा सकी है। पहले यहां से हल्द्वानी नगर की सीमित आबादी को पेयजल की आपूर्ति भी हुआ करती थी। गौलापार से आगे…

  • Uncategorized

    हल्द्वानी में अब नही होगी पेय जल की किल्लत, डी पी आर शासन को भेजी

    हल्द्वानी जमरानी बांध जैसी महत्त्वपूर्ण योजना को जल्द ही पंख लग सकते हैं, पर्यावरणीय स्वीकृति की मंजूरी मिलने से परियोजना का काम जल्दी आगे बढ़ सकता है। जिस बांध को करीब 44 साल पहले 61 करोड़ में बनना था आज उसी परियोजन की लागत 2600 करोड़ के आसपास पहुँच गयी है, जिसके लिए जामरानी बांध से लेकर हल्द्वानी के अलग अलग कोनों में 116 किमी लम्बी पाइप लाइन डाली जायेगी । जमरानी बांध परियोजना एक नज़र में- 1975 में बांध निर्माण की स्वीकृति, करीब 9 किलोमीटर की लंबाई में 130 मीटर ऊँचा और 480 मीटर चौड़ा बांध, 45 साल पहले बांध की लागत 61करोड़ वर्तमान में बांध परियोजना की लागत…

  • Uncategorized

    नमक को बनाया स्वरोजगार का जरिया

    यदि आप कभी घूमने देवभूमि उत्तराखण्ड के कुमाऊं क्षेत्र में आएं तो काकड़ीघाट में पहाड़ी पिसी नून यानी (पहाड़ के पिसे नमक) का स्वाद जरूर लें , पहाड़ में अपने हुनर का इस्तेमाल कर यहां के लोग स्थानीय उत्पादों से स्वादिष्ट नमक बनाकर  देश ही नहीं विदेशों में भी पिसी नून को अच्छी पहचान दिला रहे हैं ,क्योंकी यह नमक कई औषधीय गुणों का खजाना है । आमतौर पर आपने बाजार से दो या तीन तरह के नमक का स्वाद लिया होगा लेकिन आपको यह जानकर बेहद हैरानी होगी की नैनीताल अल्मोड़ा मेन हाईवे पर काकड़ीघाट कस्बे में स्थानीय लोग पहाड़ के उत्पादों और नमक को सिलबट्टे में पीसकर करीब…

Compare